लखनऊ/रामपुर। अमर शहीद हेमूकलाणी के 12वें जन्म दिवस के अवसर पर और कानपुर में सिंधी समाज के अगुआ देशभक्त संत, मसंद सेवाश्रम रायपुर के 1008 के संगठन मंत्री साईं जलकुमार मसंद साहिब के बड़े विद्वान। कार्यक्रम का आयोजन कानपूर में भारत सरकार शिक्षा विभाग की सिंधी भाषा विकास परिषद एवं शहीद हेमू कालानी स्मृति शिक्षण संस्थान, कानपूर के यूनाइटेड कोलोराडो में सिंधु इंटरनेशनल स्कूल और नोएडा में उत्तर प्रदेश सिंधी अकादमी द्वारा सिंधु भवन में आयोजित किया गया।
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दोनों ग्रंथों में साईं मसंद साहिब जी ने शहीद हेमू कालानी के साथ-साथ देश की समृद्धि के अपने कुर्बानियां देने वाले ज्ञात-अज्ञात लाखों शूरवीरों की प्रति-प्रतिज्ञा एवं स्मारक के आंदोलन में भाग लेने वाले लाखों स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति आदरभाव के लिए प्रतिज्ञा की और बताया कि देश का मुख्य रूप से भारत युगों से चले विश्व कल्याण का करने वाले विश्वगुरु का पूर्व दायित्व पुन: स्थापित किया गया था। उन्होंने बताया कि इस बात का उल्लेख उग्र आंदोलन के पुरोधाओं बाल गंगाधर तिलक, महर्षि अरविंद आदि के व्याख्यानों के अभिलेखों में दर्ज है।
साईं मसंद साहिब जी ने बताया कि वे पिछले तीर्थयात्राओं से लेकर देश के चारों अभिलेखों के सुझावों में पेजतांत्रिक व्यवस्था के तहत ही सनातन वैदिक सिद्धांतों पर आधारित शासन स्थापित करवाकर भारत को पुनः स्थापित करने के लिए विश्वगुरु निर्माण का योजनाबद्ध अभियान चला रहे हैं। इसका सुखद परिणाम 2018 में द्वारिका मठ और ज्योतिर्मठ में हुआ, दो पीठों के पुज्य पूज्यपाद स्वामी सप्रमानंद सरस्वती जी महाराज द्वारा उनके एक सुयोग्य शिष्य स्वामीश्री: अविमुक्तानंद सरस्वती महाराज, जो वर्तमान में ज्योतिर्मठ के जगद्गुरु देवता हैं, के स्वामीत्व में परम धर्म संसद 1008 का गठन होना।
साईं मसंद साहिब जी ने बताया कि परम धर्म संसद 1008 भारत के चारों पूर्वजों के नेतृत्व और समर्थन में भारत सहित कुल एक सौ राष्ट्रों की 1008 धार्मिक और सामाजिक विभूतियों का धर्मे विश्व के हिंदू समाज के लिए एक मार्गदर्शक संगठन है। परम धर्म संसद 108 देशों में सनातन वैदिक सिद्धांतों पर आधारित शासन स्थापित करने की दिशा में मजबूत आधार तैयार करने के लिए लगभग दो वर्षों से विश्वस्तर पर गौ प्रतिष्ठा अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत पशु केंद्र शासन से गौमाता को सूची से हटा कर उसे राष्ट्रमाता घोषित करने और उसकी हत्या पर प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है।